
इस्लामिक देश यमन में पहला महिला कैफे शुरू हुआ है। यहां सिर्फ महिलाएं ही आ सकेंगी और फुर्सत के पल बिता सकेंगी। इसे खोलने वाली उम फेराज बताती हैं कि वह अपने काम के जरिए महिलाओं के लिए बिजनेस के मायने बदलना चाहती हैं। वह कहती हैं- ‘महिलाओं के लिए यमन में कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां वे आराम से बैठकर अपना वक्त बिता सकें।
मैंने यह कैफे यमन के रूढ़िवादी लोगों के खिलाफ जाकर शुरू किया है। यहां के कुछ लोग मेरे इस काम से बिल्कुल खुश नहीं हैं। उन्हें ये अजीब लगता है। मैं यह भी जानती हूं कि हर नए काम को लेकर लोगों की अलग-अलग राय होती है। मैं अपनी मेहनत के बल पर यह साबित करना चाहती हूं कि एक महिला भी सफलता के साथ बिजनेस कर सकती है। महिलाओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए मैंने अपने कैफे में महिला कर्मचारियों को ही रखा है।’ उम फेराज के इस कैफे का नाम ‘मॉर्निंग आइकन कैफे’ है जो सेंट्रल यमन के मरीब में बना है।
यहां इंटरनेट आसानी से मिल जाता है
कैफे में आने वाली एक कस्टमर वादद जो मेडिकल स्टूडेंट भी हैं, यहां के बारे में बताती हैं- ‘मरीब एक ऐसा क्षेत्र हैं, जहां इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। लेकिन इस कैफे में इंटरनेट की सुविधा आसानी से मिल जाती है। छात्राओं के लिए यह एक बेहतरीन जगह है।’ पिछले कुछ सालों से यमन के खराब हालातों की वजह से यहां आए दिन हिंसा की वारदातें होती हैं। इसी बीच महामारी और आर्थिक तंगी के चलत यहां कैफे की शुरुआत करना फराज के लिए आसान नहीं था।



































































