
जेनेवा । विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दुनिया के सभी देशों से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए टीकाकरण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है, क्योंकि इसके एक नए पेपर में इस बात का अनुमान लगाया गया है कि जनवरी, 2020 और मई, 2021 के बीच कोरोना वायरस से 1,15,000 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हो चुकी है।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि 119 देशों के आंकड़ों से पता चला है कि वैश्विक स्तर पर औसतन पांच में से दो स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी तरह से टीका लगाया जाता है, फिर भी अलग-अलग जगहों क्षेत्रों और विभिन्न आर्थिक समूहों में एक बहुत बड़ा अंतर देखा गया है।
उदाहरण के तौर पर स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों से पता चलता है कि अफ्रीका में दस में से एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता को कोरोना के दो टीके लगाए गए हैं, जबकि अधिकांश उच्च आय वाले देशों में 80 प्रतिशत से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी तरह से टीका लगाया गया है।
संगठन को भिन्न देशों की सरकारों ने सूचित किया था कि उक्त अवधि के दौरान कोरोना से संबंधित 7,000 से कम स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हुई है। हालांकि, डब्ल्यूएचओ और आईसीएन ने इस जानकारी का विश्लेषण किया और वैश्विक स्तर पर 1,15,000 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत होने का अनुमान लगाया।
डॉ. टेड्रोस ने कहा,प्रत्येक स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ उसकी कार्यबल होती है – ये वे लोग हैं, जो स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान करते हैं और जिन पर हम सभी अपने जीवन के किसी न किसी बिंदु पर भरोसा करते हैं। महामारी इस बात का सबूत है कि हम स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर कितना भरोसा करते हैं और उस वक्त हम सभी खुद को कितना असुरक्षित महसूस करते हैं, जब हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करने वाले लोग स्वयं असुरक्षित होते हैं।
दुनिया भर में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए डब्ल्यूएचओ संगठन और उसके सहयोगियों ने सभी देशों से आह्वान किया है कि वे अपने यहां के स्वास्थ्य कर्मियों की अच्छी सेहत का ध्यान रखते हुए उन्हें कोरोना रोधी टीके लगाए जाने को सुनिश्चित करें।



































































