जम्मू। नगरोटा के बन टोल प्लाजा में आतंकवादी हमले को नाकाम बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के चार जवानों को वीरता पदक से नवाजा जाएगा। हमले में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी ढेर कर दिए गए और तीन ओजीडब्ल्यू पकड़ लिए गए थे। सीआइएसएफ के डायरेक्टर जनरल राजेश रंजन ने हमले के दौरान बहादुरी दिखाने वाले सीआइएसएफ के जवानों से टेलीफोन पर बात कर उनका हौसला बढ़ाया।
डीजी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि पुरस्कृत करने के साथ उन्हें बहादुरी के लिए वीरता पदक से भी सम्मानित किया जाएगा। बहादुरी दिखाने वाले सीआइएसएफ की एडहाक बटालियन की 114 कपंनी के जवानों में कांस्टेबल राहुल कुमार, अनिल लाकड़ा, मुथुम और विक्रमजीत सिंह शामिल हैं। सीआइएसएफ के डीजी इन बहादुर जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए जल्द जम्मू दौरे पर भी आ सकते हैं।
पुलिस और सीआइएसएफ के जवानों ने 31 जनवरी को नगरोटा के बन टोला प्लाजा के नाके पर रोक गए ट्रक में छिपे आतंकवादियों को खोज निकालने के बाद उन्हें ट्रक से बाहर नहीं आने दिया था। उनकी त्वरित कार्रवाई से ही बड़ा हादसा टल गया।
जवानों को नकद पुरस्कार भी मिलारविवार को जम्मू कश्मीर पुलिस के आइजी मुकेश सिंह ने भी चार बहादुर जवानों को पांच-पांच हजार रुपये इनाम देकर उनकी बहादुरी को सलाम किया। वहीं सीआइएसएफ जवानों के साथ ट्रक में छिपे आतंकवादियों को तलाश लेने वाले जम्मू कश्मीर पुलिस के सहायक सब इंस्पेक्टर राजेंद्र ¨सह व सिपाही भोमराज को 25-25 हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया गया है।




































































