
लखनऊ। कोरोना वायरस महामारी और लाकडाउन के बीच सरकार ने आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया था बिना पास और बिना जरूरी कार्य के बाहर जाने पर पूरी तरह से प्रबंधित कर दिया गया था। महामारी के बीच सभी सरकारी और प्राइवेट ऑफिस भी बन्द कर दिए गए थे। वही कोरियर कम्पनी के दो अधिकारियों पर अपने ही कर्मचारी पर उत्पीड़न का मामला सामने आया है। 9 जून को हुसैनगंज छितवापुर स्थित अपने घर में 24 वर्षीय आदित्य मिश्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
आदित्य मिश्रा ब्लू डार्ट कोरियर कंपनी में काम करता था। लाकडाउन के दौरान आदित्य को कोरियर कंपनी के अधिकारी बिना पास के फील्ड का काम करवा रहे थे। जिसकी वजह से पुलिस ने उसकी मोटरसाइकिल को भी सीज कर दिया था। और कंपनी के अधिकारियों ने आदित्य मिश्रा को जबरन नौकरी से भी निकाल दिया था। जिसकी वजह से आदित्य अवसादग्रस्त हो गया था और उसने अपने घर में आत्महत्या कर ली थी।
मृतक आदित्य के पिता उमाशंकर मिश्रा के तहरीर पर हुसैनगंज कोतवाली में इंदिरा नगर स्थित ब्लू डार्ट कोरियर कंपनी के राजीव तिवारी और पंकज मिश्रा पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पिता का कहना है कि कोरियर कंपनी के दोनों अधिकारी आदित्य का उत्पीड़न कर रहे थे और बिना पास के फील्ड का काम करवा रहे थे। जिसकी वजह से दिन भर उसे तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। और ऑफिस में भी अधिकारियों द्वारा उसे परेशान किया जाता था। जिसकी वजह से उसने आत्महत्या कर ली थी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने खुदकुशी के लिए मजबूर करने और उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही में जुटी है।



































































