
नई दिल्ली। चीन के वुहान शहर से फैले जानलेवा कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में लगभग 21,308 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 5 लाख लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं। आप ये तो जानते हैं कि ये वायरस जानलेवा भी साबित हो रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये शरीर को कैसे अटैक करता है? आइए आपको बताते हैं कि आखिर ये वायरस आपके शरीर पर कैसे असर डालता है।
ये वायरस आपके शरीर में तब प्रवेश करता है जब आप संक्रमित बूंदों को सांस के द्वारा अंदर खींच लेते हैं या फिर आप किसी संक्रमित सतह को छू लेते हैं और फिर उन्हीं हाथों से अपनी आंखें, मुंह या नाक छूते हैं। इसके बाद वायरस के कण गले तक पहुंच जाते हैं और कोशिकाओं पर छिपक जाते हैं और अपनी आनुवंशिक सामग्री कोशिकाओं में ट्रांसफर कर देते हैं। जिससे मानव कोशिकाएं ऐसे कारखाने में तबदील हो जाती है जो और ज़्यादा वायरस कणों का उत्पादन करने लगती है।
जैसे-जैसे वायरस बढ़ने लगता है, यह गले के नीचे चला जाता है। जिससे बुख़ार और खांसी शुरू हो जाती है। जो इस बात का संकेत है कि इम्यून सिस्टम इस वायरस से लड़ रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमित कई लोगों में इसके लक्षण बिल्कुल नहीं दिखते हैं।
फेफड़ों को करता है कमज़ोर
गंभीर मामलों में, जब वायरस फेफड़ों में पहुंचता है, तो यह सूजन यानी इंफ्लामेशन को पैदा करता है। जिससे फेफड़ों को रक्तप्रवाह में ऑक्सीजन भेजने में कठिनाई आती है। इस वजह से फेफड़ों में पानी भरना शुरू हो जाता है और सांस लेने में मुश्किल आने लगती है। कई मरीज़ों को सांस लेने में मदद के लिए वेंटीलेटर का सहारा लेना पड़ता है।
चीन के डाटा के अनुसार, ऐसा कोरोना वायरस के 7 में से एक मरीज़ के साथ होता है। कोरोना वायरस की वजह से जिन लोगों ने जान गंवाई हैं या गंभीर हालत में हैं, उनमें से ज़्यादातर पहले से ही किसी बीमारी से ग्रस्त थे, जिसकी वजह से उनका इम्यून सिस्टम काफी कमज़ोर था। गंभीर रूप से बीमार होने वाले 6% लोगों में, फेफड़े की सूजन इतनी गंभीर है कि शरीर को जीवित रहने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति में शुरुआती लक्षण बेहद साधारण होते हैं। इस दौरान व्यक्ति को बुखार आता है और बहुत ज़्यादा थकावट होती है। साथ ही रोगी को सूखी खांसी होती है। इसके अलावा कई लोगों में डायरिया जैसी भी शिकायतें देखने को मिली हैं।
ऐसे करें बचाव
ऐसे वक्त में ये बेहद ज़रूरी है कि सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह का पालन करके अपनी रक्षा करें। जिसमें सामाजिक दूरी बनाना और स्वच्छता बनाए रखना भी शामिल है।



































































