
जीआरपी लाइन के कुछ हिस्से सील व सिल्वर जुबली अस्पताल 24 घंटे के लिए बंद
लखनऊ। राजधानी में कोरोना वायरस ने रफ्तार पकड़ लिया है। जीआरपी ऑफिस में तैनात एक जवान व एक गर्भवती महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जीआरपी जवान में कोरोना संक्रमण की पुष्टि जैसे ही उसके ऑफिस में मिली हड़कंप मच गया। अब तक अब तक 28 जवान कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। जबकि सिल्वर जुबली अस्पताल में एक गर्भवती महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। उसके बाद अस्पताल बंद कर दिया गया। कर्मचारियों को क्वॉरंटीन किया गया। लखनऊ में कोरोना मरीजों की संख्या 323 तक पहुंच गई है।
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक जीआरपी लाइन के कुछ हिस्से को सील करने के लिए कहा गया है। जिन इलाकों में संक्रमण फैला है उस इलाके को सील करने को कहा गया है। जीआरपी के अफसरों को पत्र लिखकर जवानों के संपर्क में आने वालों की सूची मांगी गई है। जगत नारायण रोड स्थित सिल्वर जुबली बीएमसी में बांसमंडी निवासी गर्भवती (23) को परिवारीजनों ने सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया था। गर्भवती का नमूना लेकर कोरोना जांच कराई गई थी। जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को पॉजिटिव आई तो सीएमओ को मामले की जानकारी देते हुए उनके निर्देश पर गर्भवती को तुरंत ही कानपुर रोड स्थित लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब उसका प्रसव लोकबंधु अस्पताल में ही कराया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि गर्भवती के कोरोना संक्रमित निकलने पर सिल्वर जुबली बीएमसी को 24 घंटे के लिए बंद रखते हुए सैनिटाइज कराया जा रहा है। सभी संबंधित डॉक्टर व कर्मचारियों को क्वारंटीन रहने के निर्देश दिए गए हैं। गर्भवती कोरोना संक्रमित निकलने पर परिवारीजनों की भी जांच की जाएगी। गर्भवती को कोरोना संक्रमण कैसे हुआ? परिवारीजनों और आस-पास के लोगों के बारे में पता किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सर्विलांस एवं कांटेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर 243 लोगों के नमूने एकत्र करे केजीएमयू जांच के लिए भेजे गए हैं। सीएमओ प्रवक्ता योगेश रघुवंशी के मुताबिक चिकमंडी, खटीकाना, मौलवीगंज, तकिया, बारूदखाना, मकबरा गोलागंज, पीर जलील खटकाना समेत अन्य इलाकों में जागरुकता अभियान चलाया गया। सर्वे कर कोरोना लक्षण वालो लोगों को चिन्हित किया गया। उनके नमूने लिए गए। इस काम में 46 टीमें लगाई गई थी।
प्रवक्ता योगेश रघुवंशी के मुताबिक कोरोना संक्रमित छह स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए हैं। चार मरीज लोकबंधु अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए हैं। जिनमें से एक मरीज सीआरपीएफ बिजनौर व एक मरीज निगोहां निवासी है। वहीं दो अन्य मरीज राजधानी निवासी हैं। इनमें से एक महिला भी है। दो मरीज दूसरे मेडिकल संस्थान से डिस्चार्ज हुए हैं। 14 दिन सभी को घर में क्वॉरंटीन रहने की सलाह दी गई है।



































































