
देश में लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं और मीडिया में सामने आ रहे हैं। हाल ही में हुए हाथरस कांड ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इसके बाद राजस्थान, बिहार के बक्सर और दूसरी जगहों से जघन्य मामले दर्ज किए गए।
इस सबसे बीच एक बहस छिड़ी कि महिलाओं और लड़कियों को अपनी सुरक्षा के लिए अपने पास या तो कोई धारदार हथियार या फिर मिर्च पाउ़डर जैसी चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए। इसी सिलसिले में गुजरात में 100 लड़कियों ने लाइसेंसी हथियार के लिए आवेदन किया है।
गुजरात के राजकोट में 100 लड़कियों ने लाइसेंसी हथियार अपने पास रखने के लिए जिला कलेक्टर ऑफिस में आवेदन किया। ये महिलाएं राज्य के अलग-अलग जिलों से राजकोट पहुंची थीं। इन महिलाओं ने यहां अपनी सुरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार प्राप्त करने के लिए फॉर्म भरा।
इसके अलावा राजकोट में 14 साल की मितल केशुभाई परमार की अगुवाई में यहां धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान मितल ने कहा कि हम महिलाएं हमारे देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से जानना चाहते हैं कि जब एक दिन में ही नोटबंदी हो सकती है, लॉकडाउन लग सकता है तो एक ही दिन में दुष्कर्मियों को सजा देने का कानून क्यों नहीं बन सकता है?



































































