
हाथरस गैंगरेप कांड में पीड़िता की मौत और उसके बाद परिवार की मर्जी के खिलाफ जबरन अंतिम संस्कार के आरोप पर चौतरफा घिरी यूपी सरकार ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले में एसआईटी गठित करने का ऐलान किया है। गृह सचिव की अध्यक्षता वाली इस तीन सदस्यीय टीम में डीआईजी चंद्र प्रकाश और आईपीएस अधिकारी पूनम को सदस्य बनाया गया है।
सीएम ने पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए टीम को घटना की तह तक जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समयबद्ध ढंग से जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए हैं। गौरतलब है कि इस मामले में चारों आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। सीएम ने उनके खिलाफ फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मुक़दमा चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाने का भी आदेश दिया।
गौरतलब है कि यूपी के हाथरस में दलित युवती के साथ निर्भया जैसी हैवानियत पर सियासत गरमा गई है। सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश झलक रहा है। दिल्ली के जिस सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता ने कल आखिरी सांस ली और उसके बाद अस्पताला के बाहर प्रदर्शन हुआ, कैंडल मार्च निकला। यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग हो रही है।
सीएम योगी ने मामले में जड़ तक पहुंचने के लिए एसआईटी गठित कर दी है। इस तीन सदस्यीय टीम की अध्यक्षता गृह सचिव भगवान स्वरूप करेंगे। अन्य दो सदस्यों में डीआईजी चंद्र प्रकाश और सेनानायक पीएसी आगरा पूनम को शामिल किया गया है। सीएम ने पूरे मामले की छानबीन कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।



































































