
नई दिल्ली। कोरोना महामारी संकट के दौरान देश में NEET-JEE परीक्षा कराने को लेकर बवाल जारी है। इसको लेकर कई जगह छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है। इस बीच देश के 6 राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 6 राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसले पर पुनर्विचार की अपील है।
इन 6 राज्यों में पश्चिम बंगाल, झारखंड. राजस्थान, छत्तीसगढ़ पंजाब और महाराष्ट्र शामिल हैं। इन 6 राज्यों के मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और अदालत के 17 अगस्त के आदेश की समीक्षा करने और सितंबर में होने वाली JEE NEET को स्थगित करने की मांग की।
वकील सुनील फर्नांडिस के माध्यम से पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और महाराष्ट्र के मंत्रियों ने याचिका दायर की है। जबकि मुख्य याचिकाकर्ता पश्चिम बंगाल के श्रम मंत्री मोलोय घटक, झारखंड के वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव, राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, छत्तीसगढ़ के योजना मंत्री अमरजीत भगत, पंजाब के मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय रविंद्र सामंत शामिल हैं।
जेईई और नीट परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अलग-अलग राज्यों का रुख अलग-अलग है। एक तरफ जहां कई राज्य परीक्षाओं के आयोजन को लेकर तैयार हैं तो कुछ राज्य परीक्षाएं आयोजित करने में असमर्थता जता रहे हैं। यूपी के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने केंद्र सरकार से परीक्षाओं के आयोजन के लिए सहमति जताई है तो वहीं झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर परीक्षाओं के आयोजन को फिलहाल स्थगित करने की मांग की है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि विपक्षी शासित राज्यों जैसे महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल, झारखंड को सामूहिक रूप से NEET, JEE मुख्य परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करना चाहिए। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त को NEET और JEE परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था, जिसे सितंबर 2020 में आयोजित किया जाना था जिसमें कहा गया था कि छात्रों के कैरियर को लंबे समय तक खतरे में नहीं डाला जा सकता है।



































































