
लखनऊ।।केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के जनरल सर्जरी विभाग में तैनात नर्स ने पुरुष नर्स पर अश्लीलता व दुराचार के प्रयास का संगीन इल्जाम लगाया है। स्टाफ नर्स का आरोप है कि अश्लीलता से रोकने की कोशिश तो उसने नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। केजीएमयू कुलसचिव ने पुरुष नर्स को निलंबित कर मामले की जांच विशाखा कमेटी के सुपुर्द कर दी है।
ट्रॉमा के जनरल सर्जरी विभाग के तहत आरएसओ वार्ड का संचालन हो रहा है। 27 मार्च को संविदा पर तैनात महिला नर्स ड्यूटी पर आई। नर्सिंग स्टेशन पर मरीजों से जुड़ा काम निपटा रही थी। इसी दौरान वार्ड इंचार्ज पुरुष नर्स पीछे से आया। उसे संविदा नर्स को पकड़ लिया। उससे अश्लील हरकत शुरू कर दी। किसी तरह नर्स भागी। पीड़िता ने पुरुष नर्स की हरकतें मोबाइल में कैद करने की कोशिश की। पुरुष नर्स ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का आरोप है कि पुरुष नर्स ने धमकाया। कहा यदि किसी से शिकायत करोगी तो मैं तुझे नौकरी से निकवा दूंगा। तेरी बदनामी कर दूंगा। डरी सहमी पीड़िता किसी तरह वार्ड से भागी। पांच अप्रैल को महिला कर्मचारी ने हिम्मत जुटाकर कुलसचिव से शिकायत की। लिखित शिकायत के आधार पर कुलसचिव आशुतोष कुमार द्विवेदी ने आरोपी पुरुष नर्स को निलंबित कर दिया है। कुलसचिव ने कहाकि इस तरह की घटनाओं से केजीएमयू की छवि धूमिल होती है। लिहाजा इस तरह की घटना को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच विशाखा कमेटी करेगी।
आरोप बेबुनियाद
आरोपी पुरुष नर्स ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसने कहाकि नर्स काम करने के बजाए मोबाइल पर सोशल मीडिया पर व्यस्त रहती थी। कई बार समझाया। फिर भी वह समझने को तैयार नहीं थी। मुझे झूठे आरोपों में फंसाया है।



































































