

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सासंद और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र के लिए हो रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। लखनऊ की जनता को जाम से निजात दिलाने को लखनऊ के सांसद ने प्राथमिकता पर रखा। इस सिलसिले में शहर में बन रहे ओवर ब्रिज का निरीक्षण किया। पुराने लखनऊ स्थित व्यस्ततम इलाके में निर्माणधीन तीन फ्लाईओवर का निरीक्षण किया। इन तीनों पुलों की स्वीकृति अगस्त 2018 में हुई थी, जिसे जून 2021 में पूर्ण किया जाना प्रस्तावित था।
राजनाथ सिंह ने लखनऊ की जाम की समस्या को देखते हुए इसे जल्द से जल्द तैयार करने और 2020 में पूरा करने का लक्ष्य दिया था। रक्षामंत्री ने निर्माण कार्य पर संतुष्टि जतायी। उन्होंने कहा कि अगली बार बाकी विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।गुरु गोविंद सिंह मार्ग पर हुसैनगंज चौराहा-बांसमंडी चौराहा- नाका हिंडोला चौराहा-डीएवी कालेज के मध्य 3 लेन फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। पुल की लागत 12379।90 लाख है, जिसकी लंबाई 1527।88 मीटर है। 89 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिसका उद्घाटन का समय मई 2020 रखा गया है।
हैदरगंज तिराहे से मीना बेकरी मोड़ तक 2 लेन उपरिगामी सेतु बन रहा है, जिसकी लागत 4042।75 लाख रुपए है। पुल की लंबाई 908।05 मीटर है जिसका 69 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पुल बनने का काम सितंबर 2018 में शुरु हुआ था, जिसका उद्घाटन का समय जून 2020 रखा गया है। तीसरा पुल चरक चौराहा-हैदरगंज चौराहा-चरक क्रासिंग-विक्रम कॉटन मिल रोड के मध्य टू लेन फ्लाई ओवर ब्रिज बन रहा है, जिसकी लागत 11015।22 लाख है। ब्रिज की लंबाई 2478।042 है। ब्रिज का काम 51 फीसदी पूरा हो चुका है। इसकी शुरुआत जनवरी 2019 में हुई थी, जिसे पूरा करने का लक्ष्य अक्टूबर 2020 तक रखा गया है। तीनों निर्माण कार्य सेतु निगम की तरफ से चलाया जा रहा है



































































