
नई दिल्ली। सावन महीने में भगवान शिव की पूजा का अधिक महत्व होता है। सावन माह का ये महीना सबसे शुभ और कल्याणकारी माना गया है। आज 20 जुलाई को श्रावण पूर्णिमा और सोमवार दोनों एक साथ हैं इसीलिए आज बहुत शुभ संयोग है। आज भगवान शिव की विशेष पूजा से वो जल्द प्रसन्न होगें। ऐसे में इस पावन मास में विधि-विधान से शिव का पूजा करके उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है। सभी देवताओं में भगवान शिव सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देव हैं।
भगवान शिव के आशीर्वाद से साधक के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और उसे मन वांक्षित फल की प्राप्ति होती है। श्रावण मास में शिव की पूजा करने से शत्रुओं का नाश और रोग-शोक दूर होता है। आइए जानते हैं कि इस श्रावण मास में किस विधि से शिव पूजन करना चाहिए।
आज महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र, शतरूद्र का पाठ, पुरुष सूक्त का पाठ और पंचाक्षर आदि शिव मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। बता दें कि श्रवण नक्षत्र की पूर्णिमा तिथि से योग होने के कारण इस माह को श्रावण भी कहा जाता है।
सावन में श्रवण नक्षत्र और सोमवार से भगवान भोलेनाथ का गहरा संबंध है। भगवान शंकर ने स्वयं सनतकुमार से कहा कि मुझे सभी महीनों में सावन सबसे ज्यादा प्रिय है। सावन की विशेषता है कि इसका हर दिन व्रत करने योग्य होता है।



































































